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अफगान जेल हमला: 18 घंटे में 29 की मौत

Edited By Priyesh Mishra |

पीटीआई | Updated:

प्रतीकात्मक तस्वीरप्रतीकात्मक तस्वीर

हाइलाइट्स

  • अफगानिस्तान के जलालाबाद में जेल पर इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का हमला, 18 घंटे चली मुठभेड़
  • अफगान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रूक-रूक कर गोलीबारी, अबतक 29 लोगों की मौत
  • मरने वालों में तीन आतंकी शामिल, हमले की आड़ में कई कैदी जेल से फरार

काबुल


अफगानिस्तान के पूर्वी नांगरहार प्रांत में स्थित जलालाबाद की जेल पर रविवार रात आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के हमले में अबतक 29 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, अफगान सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को मार गिराया है। अफगान मीडिया के अनुसार आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ 18 घंटे तक चली।


जेल में सैकड़ों की संख्या में आईएस आतंकी बंद


रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जलालाबाद की जेल में इस्लामिक स्टेट के सैकड़ों आतंकी बंदी हैं। उन्हीं को छुड़ाने के लिए आतंकियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमले को अंजाम दिया है। नांगरहार प्रांत के गर्वनर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोग्यानी ने बताया कि जेल परिसर में रूक-रूक के गोलीबारी हो रही है। मृतकों में जेल के कुछ कैदियों के अलावा आम नागरिक, जेल के गार्ड और अफगान सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।

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रविवार को आत्मघाती हमले के बाद शुरु हुआ था मुठभेड़


नांगरहार की राजधानी जलालाबाद में एक कारागार के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती कार बम विस्फोट के साथ यह हमला शुरू हुआ था। इसके बाद कई हमलावरों ने अफगान के सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। हमलावरों की संख्या कितनी है, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह से संबद्ध एक संगठन ने ली है जिसे खुरासान प्रांत में आईएस के नाम से जाना जाता है। इस आतंकवादी संगठन का मुख्यालय नांगरहार प्रांत में है।

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हमले की आड़ में कई कैदी जेल से फरार


एक प्रांतीय अधिकारी ने बताया कि हमले के चलते कई कैदी जेल से भाग गए। जेल पर हमले का कोई कारण अभी साफ नहीं है। वैसे जेल में 1,500 कैदी हैं जिनमें से बड़ी संख्या में आईएस से जुड़े हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां पर कोई विशिष्ट कैदी तो बंद नहीं है जिसे छुड़ाने के लिए यह हमला किया गया हो। अफगान खुफिया एजेंसी ने एक दिन पहले ही बताया था कि अफगान विशेष बलों ने जलालाबाद के निकट आईएस के एक शीर्ष आतंकी कमांडर को मार गिराया है।

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तालिबान ने हमले में हाथ होने से किया इनकार


तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने बताया कि जलालाबाद जेल हमले में उनका समूह शामिल नहीं है। अमेरिका ने तालिबान के साथ फरवरी में शांति समझौता किया था। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष विराम चल रहा है और देश में कहीं भी इस तरह के हमले में हम शामिल नहीं हैं। तालिबान ने ईद के मद्देनजर शुक्रवार से तीन दिन के संघर्ष विराम का ऐलान किया था।

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