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ओली-प्रचंड में सीक्रेट डील! कैबिनेट फेरबदल संभव

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

पीएम ओली और प्रचंडपीएम ओली और प्रचंड

हाइलाइट्स

  • नेपाल में राजनीतिक गतिरोध थमता नजर आ रहा, ओली-प्रचंड में सीक्रेट डील की सुगबुगाहट
  • मंगलवार को ओली और प्रचंड के बीच दो घंटे तक बैठक, जिसके बाद पार्टी की स्थायी समिति की मीटिंग में शांत रहे प्रचंड
  • 28 जुलाई को स्थायी समिति की बैठक के बाद नेपाली कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव, प्रचंड गुट को मिल सकते हैं कई अहम मंत्रालय

काठमांडू


नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और सत्तारूढ़ पार्टी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‚प्रचंड‘ के बीच अब सुलह के आसार नजर आने लगे हैं। 21 जून को हुई पार्टी की बैठक में प्रचंड ने अपने सुर को नरम रखा। पिछले डेढ़ महीने से ओली के प्रधानमंत्री पद और पार्टी अध्यक्ष से इस्तीफा देने की रट लगाए हुए प्रचंड ने बैठक के दौरान एक बार भी इस मुद्दे को नहीं उठाया। इस बैठक के पहले 2 घंटे तक ओली और प्रचंड ने अलग से विचार विमर्श भी किया।


तो ओली और प्रचंड के बीच सुलह हुई?


कहा जा रहा है कि पीएम ओली और प्रचंड के बीच एक सीक्रेट डील हुई है। जिसके तहत आने वाले कुछ दिनों में नेपाली कैबिनेट में फेरबदल किया जाएगा। इस दौरान प्रचंड गुट के कई नेताओं को कैबिनेट में मलाईदार पद मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि 28 जुलाई को होने वाले पार्टी की स्थायी समिति की बैठक के बाद यह फेरबदल की जा सकती है।

बैठक में फिर शामिल नहीं हुए पीएम ओली


21 जुलाई को हुई बैठक में पीएम ओली एक बार फिर शामिल नहीं हुए। उन्हें डर है कि कहीं प्रचंड उनके इस्तीफे की मांग न कर दें। क्योंकि 45 सदस्यीय स्थायी समिति में ओली को केवल 14 लोगों की समर्थन प्राप्त है, जबकि बाकी सदस्य प्रचंड के साथ हैं।

बैठक में राजनीतिक मुद्दों पर नहीं हुई चर्चा


पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य एवं एनसीपी के वरिष्ठ नेता गणेश शाह ने बताया कि राजधानी काठमांडू के बालूवतार में प्रधानमंत्री के आवास पर समिति की बैठक हुई, लेकिन इसमें राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 45 सदस्यीय स्थायी समिति की बैठक में प्रधानमंत्री ओली शामिल नहीं हुए। पार्टी की शीर्ष इकाई की अगली बैठक एक सप्ताह बाद होगी।

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28 जुलाई को फिर होगी स्थायी समिति की बैठक


पार्टी की स्थायी समिति की अगली बैठक 28 जुलाई को सुबह 11 बजे बालूवतार में करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें पार्टी की गतिविधियों, सरकार के कामकाज, पार्टी कैडर एवं नेताओं के बीच काम के बंटवारे को अंतिम रूप देना और प्रस्तावित आम सभा सहित अन्य मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।

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ओली और प्रचंड फिर कर सकते हैं मुलाकात


शाह ने बताया कि पार्टी के अंदरूनी कलह को दूर करने के लिये स्थायी समिति की बैठक से पहले वरिष्ठ नेताओं के बीच अनौपचारिक बैठकें हो सकती हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ एवं भूस्खलन में जानमाल को हुई क्षति पर बैठक में पार्टी के सदस्यों ने चिंता प्रकट की। उन्होंने सरकार से त्वरित गति से राहत करने का अनुरोध किया।

चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

  • चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

    नेपाल में मचे सियासी घमासान को लेकर पीएम ओली सीधे तौर पर भारत पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक कार्यक्रम में भारत के ऊपर अपनी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। वहीं, खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर भारत विरोधी सभी कदम उठा रहे हैं।

  • नेपाल के नक्शे के लिए चीनी राजदूत ने किया प्रेरित

    सूत्रों का कहना है कि नेपाल के नक्शे को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए चीनी राजदूत ने प्रधानमंत्री ओली को प्रेरित करने का काम किया है। खुफिया सूत्रों ने कहा कि हिमालयी गणराज्य नेपाल में युवा चीनी राजदूत होउ यानकी नेपाल की सीमा को फिर से परिभाषित किए जाने के लिए कॉमरेड ओली के कदम के पीछे एक प्रेरणादायक कारक रही हैं। यानी नेपाल जो भारत के कालापानी और लिपुलेख को अपने नक्शे में दर्शा रहा है, उसके पीछे चीनी राजदूत की ही कूटनीति और दिमाग काम कर रहा है।

  • ओली और चीनी राजदूत के बीच नजदीकी

    पाकिस्तान में 3 साल तक काम कर चुकीं होउ का ओली के कार्यालय और निवास में अक्‍सर आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का वह प्रतिनिधिमंडल, जो राजनीतिक मानचित्र को बदलने के लिए संविधान संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहायता कर रहा था, वह चीनी राजदूत के संपर्क में था। चीन के विदेश नीति के रणनीतिकारों के इशारे पर काम कर रही युवा चीनी राजदूत को नेपाल में सबसे शक्तिशाली विदेशी राजनयिकों में से एक माना जाता है।

  • चीनी विदेश मंत्रालय में भी किया है काम

    एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान में सेवा करने के अलावा, वह चीन के विदेश मंत्रालय में एशियाई मामलों के विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही थीं। यही नहीं बताया जा रहा है कि चीनी राजदूत कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के आंतरिक मतभेदों को दूर करने में भी लगी हुई हैं। नेपाल में जारी इस शह और मात के खेल में किसकी जीत होगी, यह देखना अब बेहद दिलचस्‍प होगा।

  • ओली ने भारत पर लगाया सरकार गिराने का आरोप

    ओली ने पिछले दिनों भारत की ओर इशारा करते हुए दावा किया था कि काठमांडू के एक होटल में उन्हें हटाने के लिए बैठकें की जा रही है और इसमें एक दूतावास भी सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि कालापानी और लिपुलेख को नेपाली नक्शे में दिखाने वाले संविधान संशोधन के बाद से उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। ओली ने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने के लिए खुली दौड़ हो रही है।

  • पीएम पद से नहीं, बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा देने की मांग

    बिना किसी सबूत के भारत पर इतने गंभीर आरोप लगाने के बाद अब ओली खुद ही अपनी पार्टी में घिर गए हैं। प्रचंड ने कहा कि भारत ने नहीं बल्कि उन्‍होंने ओली के इस्‍तीफे की मांग की है। प्रचंड ने कहा कि ओली न केवल प्रधानमंत्री के पद से बल्कि पार्टी अध्‍यक्ष के पद से भी इस्‍तीफा दें।

  • प्रचंड ने खोला ओली के खिलाफ मोर्चा

    नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी में यह भी चर्चा है कि ओली अपने खिलाफ बन रहे मोर्चाबंदी को तोड़ने के लिए पार्टी के अंदर ही टूट करा सकते हैं। पार्टी के अंदर चल रही इस कलह से बेफिक्र केपी शर्मा ओली भारत के खिलाफ जहर उगलने में लगे हुए हैं। ओली के इस भारत विरोध और अतिआत्‍मव‍िश्‍वास के पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल, भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर ये सभी कदम उठा रहे हैं।


आपदा की आड़ में ओली-प्रचंड के बीच सुलह?


पार्टी प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा कि आज के लिये एकमात्र एजेंडा यह था कि पार्टी सदस्यों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रतिक्रिया का निर्देश दिया जाए। श्रेष्ठ ने बताया कि बैठक में बाढ़ एवं भूस्खलन में मरने वाले लेागों के प्रति भी संवेदना प्रकट की गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।

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