International

कुलभूषण: भारत को मिला सशर्त कॉन्सुलर ऐक्सेस

Edited By Shatakshi Asthana |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

कुलभूषण जाधव केस में रिव्यू पर पाक कर रहा खेल

कुलभूषण जाधव केस में रिव्यू पर पाक कर रहा खेल

हाइलाइट्स

  • कुलभूषण जाधव केस में भारत को दी गई सशर्त राजनयिक पहुंच
  • भारतीय उच्चायोग के अधिकारी वकीलों के साथ विदेश मंत्रालय पहुंचे हैं
  • जाधव की मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका होगी दाखिल
  • जाधव से मुलाकात के दौरान मौजूद रहेंगे पाकिस्तान के अधिकारी भी

इस्लामाबाद


पाकिस्तान ने आखिरकार अपनी जेल में बंद भारतीय भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव से मिलने के लिए दूसरी बार भारतीय उच्चायुक्त को सशर्त राजनयिक पहुंच दी है। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद भारतीय उच्चायोग के अधिकारी वकीलों के साथ विदेश मंत्रालय पहुंचे हैं। दरअसल, पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर शाम कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने की अनुमति दे दी थी। अब भारतीय अधिकारी कुलभूषण की पुर्नव‍िचार याचिका पर हस्‍ताक्षर करेंगे।


पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग को दूसरी बार राजनयिक पहुंच (Consular Access) की इजाजत दी है। जाधव से मुलाकात के लिए पाकिस्तान ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। मुलाकात के दौरान भारतीय अधिकारी और जाधव को अंग्रेजी में बात करनी होगी और पाकिस्तान अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

भारत के आगे झुका पाकिस्‍तान, कुलभूषण जाधव को फिर से अपील दायर करने का द‍िया मौका


पाकिस्तान ने दिया था अपील का मौका


पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर शाम कहा था कि अपील और समीक्षा याचिका को जाधव या उनके कानूनी प्रतिनिधि या इस्‍लामाबाद में भारत के काउंसलर अधिकारी दायर कर सकते हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव ने सैन्य अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को ‚स्वांग‘ करार दिया है ।

क्या है Consular Access?


बता दें कि ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोपों पर अप्रैल 2017 में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके कुछ हफ्ते बाद, भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच नहीं दिए जाने और मृत्युदंड को चुनौती देते हुए आईसीजे का रूख किया था। दरअसल, 1963 में बनी संयुक्त राष्ट्र संघ की ‚विएना कन्वेन्शन ऑन कॉन्सुलर रिलेशंस‘ संधि के मुताबिक अगर किसी देश में किसी दूसरे देश के नागरिक को जासूसी या आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे उसके देश के राजनियक से मिलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। पाकिस्तान इसी के आधार पर भारत को कॉन्सुलर ऐक्सेस की इजाजत नहीं दे रहा था क्योंकि उसका दावा है कि जाधव भारतीय जासूस हैं। हालांकि, भारत इस आरोप को खारिज करता है और इसीलिए कॉन्सुलर ऐक्सेस की मांग करता है।

कुलभूषण जाधव मामला: भारत ने पाकिस्तान से बिना शर्त 20 जुलाई से पहले पहुंच देने को कहा

कुलभूषण जाधव मामला: भारत ने पाकिस्तान से बिना शर्त 20 जुलाई से पहले पहुंच देने को कहाभारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से कहा है कि वो बिना किसी शर्त के जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव से बातचीत करने का मौका दे। यह जानकारी सूत्रों द्वारा दी गई है। इससे पहले भारत ने कहा था कि वो इस मामले में कानूनी विकल्पों को टटोल रहा है। दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया था कि सैन्य अदालत से मौत की सजा पाए जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। हालांकि भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तान पलट गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने की इजाजत दे दी है।


कुलभूषण जाधव

कुलभूषण जाधव

Related Articles

Close