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खत्म हुआ चंद्रग्रहण, कहां-कहां दिखा असर?

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

चंद्र ग्रहणचंद्र ग्रहण

हाइलाइट्स

  • खत्म हुआ चंद्रग्रहण, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में दिखा असर
  • भारत में ग्रहण न होने के कारण नहीं पड़ा सूतक काल का असर
  • 30 नवंबर को अगला चंद्रग्रहण, इसका भी भारत में नहीं पड़ेगा प्रभाव

वॉशिंगटन


आज गुरुपूर्णिमा के दिन साल का तीसरा उपच्छाया चंद्रग्रहण लगा। इस ग्रहण का असर भारत में नहीं दिखाई दिया, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं हुआ। लगभग पौने तीन घंटे तक चंद्रमा पर ग्रहण का साया बना रहा। इस ग्रहण का असर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखा।


ग्रहण की यह रही टाइमिंग


खगोलशास्त्रियों के अनुसार, इस ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार, सुबह 8.38 बजे से हुई। जो लगभग पौने तीन घंटे बाद 11.21 मिनट पर खत्म हो गया। भारत में ग्रहण का असर न पड़ने के कारण यहां धार्मिक कार्यों में कोई व्यवधान नहीं आया।

क्या होता है चंद्रग्रहण


चंद्रग्रहण वह स्थिति होती है जब चांद और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है। चंद्रग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। पूर्ण चंद्रग्रहण (total lunar eclipse), आंशिक चंद्रग्रहण (partial lunar eclipse) और खंडछायायुक्त चंद्रग्रहण (penumbral lunar eclipse)

पूर्ण चंद्रग्रहण क्या है और यह स्थिति कब पैदा होती है?


पूर्ण चंद्रग्रहण उस स्थिति को कहते हैं जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है। पृथ्वी पूरी तरह से चांद को ढक लेती है। उसी स्थिति में चांद पूरी तरह लाल नजर आता है। लाल होने के साथ ही इस स्थिति में चंद्रमा पर धब्बे भी साफ देखे जा सकते हैं। पूर्णिमा के दिन ही पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है। 21 जनवरी, 2019 को ठीक ऐसी ही स्थिति बनी थी।

आंशिक चंद्रग्रहण क्या है और यह स्थिति कब पैदा होती है?


आंशिक चंद्रग्रहण उस स्थिति को कहते हैं जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी पूरी तरह नहीं आती है। इस वजह से पृथ्वी पूरे चंद्रमा को ढक नहीं पाती है। पृथ्वी की कुछ छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से को ढक पाती है। इसलिए इसे आंशिक चंद्रग्रहण कहा जाता है। आंशिक चंद्रग्रहण कुछ ही घंटों का होता है। 16 जुलाई, 2019 को आंशिक चंद्रग्रहण था।

खंडछायायुक्त चंद्रग्रहण क्या है और यह स्थिति कब पैदा होती है?


खंडछायायुक्त चंद्रग्रहण हमेशा आंशिक चंद्रग्रहण से शुरू होता है। पृथ्वी की बाहरी छाया चंद्रमा के चेहरे पर पड़ती है। इसे देखना बहुत मुश्किल होता है। इस साल के सारे चंद्रग्रहण Penumbral eclipse या खंडछायायुक्त चंद्रग्रहण ही होंगे।

इस साल कब-कब पड़ेंगे चंद्रग्रहण?


इस साल कुल 4 चंद्रग्रहण पड़ेंगे जिनमें से 2 चंद्रग्रहण 10 जनवरी और 5 जून को थे। 10 जनवरी को अमेरिका, मध्य कनाडा और ज्यादातर दक्षिण अमेरिका को छोड़कर पूरी दुनिया से देखा जा सका। 5 जून और 5 जुलाई को पड़ने वाले चंद्रग्रहण को दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्से, यूरोप, अफ्रीका, एशिया के ज्यादातर देशों और ऑस्ट्रेलिया से देखा जा सका। अब अगला चंद्रग्रहण 30 नवंबर को पड़ेगा। 30 नवंबर को उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया और ऑस्ट्रेलिया से चंद्रग्रहण को देखा जा सकेगा। इस साल के सारे चंद्रग्रहण खंडछायायुक्त चंद्रग्रहण होंगे।

क्या चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देखना खतरनाक है?


चंद्रग्रहण के दौरान चांद को देखने से आंखों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। लेकिन सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की ओर देखने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।

अगला पूर्ण चंद्रग्रहण कब होगा?


अगला पूर्ण चंद्रग्रहण 26 मई, 2021 से पहले नहीं पड़ेगा और इसे पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों से देखा जा सकेगा। उसके बाद 19 नवंबर, 2021 को आंशिक चंद्रग्रहण पड़ेगा जिसे उत्तर और दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप के कुछ हिस्से और एशिया से देखा जा सकेगा। 2021 में सिर्फ दो चंद्रग्रहण पड़ेंगे।

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