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चीन: गलवान हिंसा पर पोस्ट, अरेस्ट हुआ शख्स

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

चीनी सेनाचीनी सेना

हाइलाइट्स

  • गलवान हिंसा को लेकर सोशल मीडिया में किए गए पोस्ट से चिड़ी चीनी सरकार, अपने ही नागरिक को किया गिरफ्तार
  • पोस्ट में चीनी सेना के ऑफरोड व्हीकल के घटिया क्वालिटी को लेकर उठाए गए थे सवाल, कंपनी ने दर्ज करवाया था केस
  • गिरफ्तारी के के बाद युवक ने कबूला जुर्म, पोस्ट के लिए कंपनी से मांगी माफी

पेइचिंग


लद्दाख के गलवान में 15 जून को हुए हिंसक संघर्ष के बारे में चीनी सरकार की आलोचना करने पर एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस युवक ने सोशल मीडिया पर चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या में हुई मौत को सैन्य वाहनों के घटिया क्वालिटी से जोड़ा था। पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौत की वजह घटिया क्वालिटी के सैन्य वाहन थे।


गाड़ियों के घटिया क्वालिटी का लगाया था आरोप


चीनी सेना की वेबसाइट चाइना मिलिट्री ऑनलाइन की एक रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया कि झोऊ नाम के एक युवक को इंटरनेट पर कथित अफवाह फैलाने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। इस युवक ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी कि चीनी सेना को डोंगफेंग ऑफ-रोड व्हीकल कंपनी लिमिटेड ने घटिया क्वालिटी के वाहन सप्लाई किए हैं जिससे भारत के साथ हुए संघर्ष में चीनी सैनिकों की मौत ज्यादा हुई।

कंपनी की शिकायत पर युवक गिरफ्तार


रिपोर्ट के अनुसार, 3 अगस्त को झोऊ ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म वीचैट पर डोंगफेंग कंपनी से जुड़े ये आरोप शेयर किए थे। जिसके बाद कंपनी ने झोऊ के खिलाफ स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया। गिरफ्तारी के बाद उस शख्स ने अपना आरोप कबूल कर लिया और कंपनी से कथित पोस्ट के लिए माफी भी मांगी है।

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गलवान में 15 जून को हुआ था खूनी संघर्ष


बता दें कि 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच भीषण संघर्ष हुआ था। जिसमें, भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि चीनी सेना के 40 से ज्यादा जवानों के हताहत होने की जानकारी मिली थी। चीन ने अपने मृत सैनिकों की संख्या को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी थी।

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चीन ने अपने सैनिकों के दफनाने पर लगाई थी पाबंदी


चीन ने 15 जून को हुई हिंसा में मारे गए अपने सैनिकों के दफनाने पर भी पाबंदी लगा थी थी। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के सिव‍िल अफेयर्स मंत्रालय ने मारे गए सैनिकों के परिवारों से कहा था कि इन सैनिकों के शवों को परंपरागत तरीके से दफनाना नहीं होगा, बल्कि इनका अंतिम संस्कार करना होगा। इसके लिए चीन ने कोराना वायरस के संक्रमण का बहाना बनाया था।

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