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धरती पर लौटने को तैयार NASA के ऐस्ट्रोनॉट

Edited By Shatakshi Asthana |

एपी | Updated:

वापस लौटेंगे ऐस्ट्रोनॉट्सवापस लौटेंगे ऐस्ट्रोनॉट्स

केप केनवरल


SpaceX और NASA की 45 वर्ष में पहली बार किसी अंतरिक्षयात्री को सीधे समुद्र में उताने की योजना है और ऐसी ही वापसी की तैयारी कर रहे अमेरिका के दो अंतरिक्षयात्रियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ‚सीसिक बैग‘ तैयार कर लिए हैं। सी सिकनेस दरअसल पानी में यात्रा के दौरान मितली, उल्टी और चक्कर आने जैसी समस्याओं को कहते हैं और ऐसे हालात में सीसिक बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है।


SpaceX और NASA की रविवार दोपहर डग हर्ले और बॉब बेनकेन को कंपनी के ड्रैगन कैप्सूल में मैक्सिको की खाड़ी में उतारने की योजना है। फ्लाइट कन्ट्रोलर्स चक्रवात इसाइएस पर करीब से नजर रख रहे हैं , जिसके फ्लोरिडा के पूर्वी तट पर आने की आशंका है और जहां उन्हें उतारने की योजना है वह स्थान फ्लोरिडा के करीब है। हर्ले ने कहा कि अगर वह और बेनकेन लहरों में बहते हुए बीमार पड़ गए तो यह चालक दल के लिए कोई नयी बात नहीं होगी।

इससे पहले 1970 में स्काईलैब से आने वाले अंतरिक्षयात्री भी समुद्र में उतरने के बाद बीमार पड़ गए थे। हर्ले ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से चालक दल के अंतिम संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‚पानी में लैंड करने पर बीमार महसूस करना साधारण बात है।‘ यह SpaceX का अतंरिक्षयात्रियों को सीधे समुद्र में लैंड कराने का पहला मौका है। लैंडिंग के साथ ही 30 मई को NASA के कैनेडी स्पेस सेंटर से शुरू हुई दो माह की टेस्ट फ्लाइट का समापन हो जाएगा। करीब एक दशक के बाद अमेरिका से किसी चालक दल की यह पहली उड़ान थी।

नासा ने कहा- गर्व का क्षण

  • नासा ने कहा- गर्व का क्षण

    नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने ट्वीट करते हुए बताया, ‚9 साल में पहली बार अब हमने अमेरिकी Astronauts को अमेरिकी रॉकेट के जरिए अमेरिका की धरती से भेजा है। मुझे नासा और SpaceX टीम पर गर्व है, जिसने हमें इस क्षण को देखने का मौका दिया है। यह एक बहुत अलग तरह की फीलिंग है, जब आप अपनी टीम को इस रॉकेट पर देखते हैं। ये हमारी टीम है। यह Launch America है।‘

  • लॉन्च अमेरिका का सपना 9 साल बाद पूरा

    अमेरिका के इतिहास में NASA (नैशनल ऐरोनॉटिक्स ऐंड स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन) ने मंगल मिशन समेत कई अहम कीर्तिमान जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से अपने नाम किए। लेकिन 2011 के बाद से इस पर ब्रेक लग गया। अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स रूस की मदद से स्पेस में जाते रहे। अब NASA वापस अमेरिका की मिट्टी से अपने ऐस्ट्रोनॉट्स को अपने देश के रॉकेट्स में बैठाकर स्पेस में भेजा है। पूरी दुनिया की निगाहें इस मिशन पर टिकी थीं।

  • कल्पना चावला का कोलम्बिया यहीं से लॉन्च हुआ था

    चांद पर जाने वाला Apollo, मंगल पर जाने वाला Mariner और भारतीय मूल की ऐस्ट्रनॉट कल्पना चावला को ले जाने वाला शटल Columbia भी यहीं से लॉन्च हुआ था। 2011 के बाद से यहां से कोई लॉन्च नहीं हुआ और अमेरिका के ऐस्ट्रोनॉट्स रूस के Soyuz रॉकेट्स से स्पेस में जाते रहे।

  • 19 घंटे का सफर तय कर पहुंचेंगे ISS

    Elon Musk की कंपनी SpaceX का रॉकेट वेटरन ऐस्ट्रोनॉट्स Robert Behnken और Douglas Hurley को ISS तक ले जाने के लिए लॉन्च हुआ। दोनों अंतरिक्ष यात्री 19 घंटे का सफर तय करते हुए इसे लेकर इंटरनैशनल स्पेस सेंटर (ISS) पहुंचेंगे।


अंतरिक्षयात्रियों को ले जाने वाला कैप्सूल 31 मई से अंतरिक्ष स्टेशन पर है। हर्ले ने कहा, ‚ड्रैगन के आपातकाल तथा अन्य उपकरणों की ठीक तरह से जांच कर ली गई है। लांच और गंतव्य तक पहुंचने में कोई बाधा नहीं हुई तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि सागर में उतरने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी।‘ ड्रैगन कैप्सूल करीब एक घंटे तक पानी में रहेगा और इसके बाद इसे एक क्रेन के जरिए निकाल कर SpaceX रिकवरी शिप पर रखा जाएगा।

इस दौरान फ्लाइट सर्जन और रिकवरी दल के सदस्य मौजूद रहेंगे। बेनकेन ने संवाददाताओं से कहा, ‚जब तक हमारे पास लैंडिंग के बेहतर विकल्प नहीं होंगे हम अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना नहीं होंगे। स्प्लैशडाउन के लिए मौसम अच्छा है।‘

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