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बगदाद: अमेरिकी दूतावास पर फिर रॉकेट अटैक

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

दूतावास पर हमले के बाद बढ़ी सुरक्षादूतावास पर हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा

हाइलाइट्स

  • इराक में अमेरिकी दूतावास पर फिर रॉकेट अटैक, ईरान समर्थित संगठनों पर हमले का शक
  • दूसरे रॉकेट हमले में बगदाद में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया गया निशाना, मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने किया नाकाम
  • अक्टूबर से अब तक 35 बार से ज्यादा अमेरिकी दूतावास पर दागे गए रॉकेट, ईरानी जनरल की हत्या के बाद से बढ़ा तनाव

बगदाद


इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास और एक मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर रविवार को फिर से रॉकेट दागे गए। इराकी सेना ने बताया कि दागे गए रॉकेट बगदाद के अति सुरक्षित ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास के पास गिरे। इस हमले में एक बच्चे के घायल होने की खबर है।


अमेरिकी सैनिकों पर भी रॉकेट हमला


वहीं, दूसरा रॉकेट हमला बगदाद के ताजी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर किया गया। इस मिलिट्री बेस पर अमेरिकी सैनिक भी रहते हैं। माना जा रहा है कि रॉकेट हमला उन्हीं को निशाना बनाकर किया गया था। इराकी सेना ने एक कत्यूषा रॉकेट और उसके लॉन्चर को अपने कब्जे में भी लिया है।

अक्टूबर से अब तक 35 बार रॉकेट अटैक


रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर से लेकर अब तक अमेरिकी दूतावास और सेना पर कथित तौर पर ईरान समर्थक विद्रोही गुटों ने 35 से ज्यादा बार रॉकेट दागे हैं। हालांकि ईरान ने हमेशा से इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया है। इस बार भी ईरान समर्थित संगठनों ने कहा है कि हमले में उसका कोई हाथ नहीं है।

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अमेरिकी मिसाइल सिस्टम में मार गिराया रॉकेट


बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला तब किया गया जब अमेरिका ने कुछ ही घंटों पहले अपने सी रैम नाम के नए मिसाइल डिफेंस सिस्टम का परीक्षण किया था। यह डिफेंस सिस्टम अपनी तरफ आती किसी भी मिसाइल को हवा में ही गोलियां दाग कर नष्ट कर सकता है।

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सुलेमानी की हत्या के बाद बढ़ा तनाव


ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कई ऐसे हथियारों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की है जिसके अमेरिका की चिंता बढ़ सकती है। हाल में ही ईरानी नौसेना ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर का ढांचा बनाकर उसको तबाह करने का युद्धाभ्यास किया था।

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