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राष्ट्रपति के खिलाफ हो रही साजिश: नेपाली पीएम

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओलीनेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

हाइलाइट्स

  • नेपाल की राजनीति में खींचतान जारी, पीएम ओली का आरोप- राष्ट्रपति को भी हटाना चाहते हैं पार्टी के नेता
  • कैबिनेट की आकस्मिक बैठक में ओली ने संसद सत्र खत्म करने पर दी सफाई, कहा- अविश्वास प्रस्ताव से बचाने के लिए किया ऐसा
  • प्रचंड और ओली में टकराव और बढ़ा, सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में बंटवारा होना तय

काठमांडू


नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। पार्टी में अलग-थलग पड़े ओली ने शनिवार शाम को सभी मंत्रियों को अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मिलने पहुंचे। जिसके बाद मंत्रियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी गंभीर संकट का सामना कर रही है और जल्द ही पार्टी में विभाजन देखने को मिल सकता है। मेरे और राष्ट्रपति भंडारी के खिलाफ साजिश रची जा रही है।


पीएम का दावा- राष्ट्रपति को भी हटाने के लिए षडयंत्र


पीएम ओली ने अपने आधिकारिक निवास ब्लूवाटर में मंत्रियों की एक आपातकालीन बैठक में कहा कि वह अंतिम समय तक पार्टी की एकता को बनाए रखने की भरपूर कोशिश करेंगे। बैठक में शामिल एक मंत्री ने कहा कि पीएम ओली ने दावा किया कि मुझे प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए षडयंत्र रचे जा रहे हैं। इसके अलावा हमारी पार्टी के कुछ सदस्य राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं ऐसा होने नहीं दूंगा।

बजट सत्र खत्म करने पर दी सफाई


ओली ने मंत्रियों से कहा कि मुझे पिछले हफ्ते संसद के बजट सत्र को खत्म करने का फैसला करना पड़ा क्योंकि संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव दर्ज करने के लिए हमारी पार्टी के कुछ सदस्य साजिश रच रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पार्टी की स्थायी समिति के फैसले को स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

ओली और प्रचंड में तकरार बढ़ी


ओली और पार्टी के एक अन्य अध्यक्ष पुष्प कमल दहल के बीच बढ़ती अविश्वास के कारण शनिवार को होने वाली स्थायी समिति की बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। ओली ने प्रचंड पर सरकार चलाने में असहयोग का आरोप लगाया है जबकि प्रचंड ओली पर पार्टी में आधिपत्य स्थापित करने का आरोप लगा रहे हैं।

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सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक टली


पाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की वह बैठक टल गई है जिसमें प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के भविष्य पर फैसला होना था। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित हुई है। प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने बताया कि लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के शीर्ष नेताओं को और वक्त की जरूरत है, इसलिए बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित की गई है। पार्टी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की अहम बैठक शनिवार को होने वाली थी।

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नेपाली संसद मे सत्ता का गणित समझिए


नेपाल के सदन (House of Representatives) में 275 सदस्य हैं। सत्ताधारी NCP के पास 174 सीटें हैं, मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के पास 63 सीटें हैं। कुछ वक्त पहले बनी जनता समाजबादी पार्टी (JSP) के पास कुल 34 सीटें हैं। इनके अलावा 4 निर्दलीय सदस्य कमल थापा (राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी), प्रेम सुवल (नेपाल वर्कर्स ऐंड पेजेंट्स पार्टी), दुर्गा पौडल (पीपल्स फ्रंट) और छाका बहादुर लामा (निर्दलीय) भी सदन में शामिल हैं। वहीं, 4 सदस्य निलंबित चल रहे हैं और एक सदस्य का निधन हो चुका है। इससे कुल सदस्यों की संख्या 270 रह जाती है।

चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

  • चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

    नेपाल में मचे सियासी घमासान को लेकर पीएम ओली सीधे तौर पर भारत पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक कार्यक्रम में भारत के ऊपर अपनी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। वहीं, खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर भारत विरोधी सभी कदम उठा रहे हैं।

  • नेपाल के नक्शे के लिए चीनी राजदूत ने किया प्रेरित

    सूत्रों का कहना है कि नेपाल के नक्शे को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए चीनी राजदूत ने प्रधानमंत्री ओली को प्रेरित करने का काम किया है। खुफिया सूत्रों ने कहा कि हिमालयी गणराज्य नेपाल में युवा चीनी राजदूत होउ यानकी नेपाल की सीमा को फिर से परिभाषित किए जाने के लिए कॉमरेड ओली के कदम के पीछे एक प्रेरणादायक कारक रही हैं। यानी नेपाल जो भारत के कालापानी और लिपुलेख को अपने नक्शे में दर्शा रहा है, उसके पीछे चीनी राजदूत की ही कूटनीति और दिमाग काम कर रहा है।

  • ओली और चीनी राजदूत के बीच नजदीकी

    पाकिस्तान में 3 साल तक काम कर चुकीं होउ का ओली के कार्यालय और निवास में अक्‍सर आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का वह प्रतिनिधिमंडल, जो राजनीतिक मानचित्र को बदलने के लिए संविधान संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहायता कर रहा था, वह चीनी राजदूत के संपर्क में था। चीन के विदेश नीति के रणनीतिकारों के इशारे पर काम कर रही युवा चीनी राजदूत को नेपाल में सबसे शक्तिशाली विदेशी राजनयिकों में से एक माना जाता है।

  • चीनी विदेश मंत्रालय में भी किया है काम

    एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान में सेवा करने के अलावा, वह चीन के विदेश मंत्रालय में एशियाई मामलों के विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही थीं। यही नहीं बताया जा रहा है कि चीनी राजदूत कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के आंतरिक मतभेदों को दूर करने में भी लगी हुई हैं। नेपाल में जारी इस शह और मात के खेल में किसकी जीत होगी, यह देखना अब बेहद दिलचस्‍प होगा।

  • ओली ने भारत पर लगाया सरकार गिराने का आरोप

    ओली ने पिछले दिनों भारत की ओर इशारा करते हुए दावा किया था कि काठमांडू के एक होटल में उन्हें हटाने के लिए बैठकें की जा रही है और इसमें एक दूतावास भी सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि कालापानी और लिपुलेख को नेपाली नक्शे में दिखाने वाले संविधान संशोधन के बाद से उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। ओली ने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने के लिए खुली दौड़ हो रही है।

  • पीएम पद से नहीं, बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा देने की मांग

    बिना किसी सबूत के भारत पर इतने गंभीर आरोप लगाने के बाद अब ओली खुद ही अपनी पार्टी में घिर गए हैं। प्रचंड ने कहा कि भारत ने नहीं बल्कि उन्‍होंने ओली के इस्‍तीफे की मांग की है। प्रचंड ने कहा कि ओली न केवल प्रधानमंत्री के पद से बल्कि पार्टी अध्‍यक्ष के पद से भी इस्‍तीफा दें।

  • प्रचंड ने खोला ओली के खिलाफ मोर्चा

    नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी में यह भी चर्चा है कि ओली अपने खिलाफ बन रहे मोर्चाबंदी को तोड़ने के लिए पार्टी के अंदर ही टूट करा सकते हैं। पार्टी के अंदर चल रही इस कलह से बेफिक्र केपी शर्मा ओली भारत के खिलाफ जहर उगलने में लगे हुए हैं। ओली के इस भारत विरोध और अतिआत्‍मव‍िश्‍वास के पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल, भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर ये सभी कदम उठा रहे हैं।


किस खेमे में कितने समर्थक?


बहुमत से सरकार बनाने के लिए सदन के 136 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में अगर ओली पार्टी को विभाजित करते हैं और माधव कुमार और दहल के खेमे को 42 सदस्यों का समर्थन मिल जाता है, तो ओली की कुर्सी पर खतरा हो सकता है, भले ही निर्दलीय सदस्य ओली को समर्थन दें। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि ओली के समर्थन में कितने सदस्य हैं और दहल के समर्थन में कितने।

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…तो बन जाएगी दहल-माधव सरकार


पार्टी के अंदर के नेताओं का कहना है कि ओली के खेमे में 40% (108) सदस्य हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो दहल-माधव के लिए बहुमत हासिल कर सरकार बनाना आसान हो सकता है। दहल और माधव की पार्टी नेपाली कांग्रेस या JSP और निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से सरकार बना सकती है। हालांकि, अगर नेपाली कांग्रेस सहमत हो जाए तो ऐसा भी हो सकता है कि ओली की पार्टी नेपाली कांग्रेस के साथ गठबंधन कर ले।

इस चीनी महिला के इशारे पर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे नेपाली पीएम?

इस चीनी महिला के इशारे पर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे नेपाली पीएम?नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्‍प कुमार दहल ‚प्रचंड‘ के बीच में सत्‍ता को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है।


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