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5 अगस्त भारत की गलती, फंसे मोदी: पाक

Edited By Shatakshi Asthana |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

फाइल फोटोफाइल फोटो

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का बयान
  • 5 अगस्त का एक साल पीएम मोदी पर निशाना
  • कहा, आर्टिकल 370 हटाना थी बड़ी भारी भूल
  • इमरान का दावा, कदम उठाकर फंस गए मोदी
  • इमरान बोले, अब जल्द आजाद होगा कश्मीर

इस्लामाबाद


एक साल पहले आज ही के दिन भारत ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर उसे केंद्र-शासित प्रदेश घोषित कर दिया था। इसके साथ ही उसे दिए गए विशेष अधिकार भी वापस ले लिए गए थे। उसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। यहां तक कि एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने अपना नया नक्शा जारी करते हुए कश्मीर के विवादित क्षेत्रों को अपना बता डाला है। इसके बाद बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत का पिछले साल उठाया गया कदम एक बड़ी भूल थी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब फंस गए हैं


हिंदूवादी वोटबैंक को खुश करने के लिए उठाया कदम


खान ने बुधवार को कहा है कि कश्मीर को भारत से जल्द आजाद करा लिया जाएगा। खान ने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले साल 5 अगस्त को एक बड़ी गलती की। उन्होंने कहा, ‚भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले आर्टिल 370 हटाने में डर लग रहा था लेकिन चुनाव जीतने के बाद हिंदूवादी वोटबैंक को खुश करने के लिए इतना गलत कदम उठा लिया।‘ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार को लगा था कि कश्मीर में ‚RSS के ठगों‘ को आतंकवाद के लिए छोड़ दिया जाएगा जिससे कश्मीर हार मान लेगा।


भारत को लगा चुप रहेगा पाकिस्तान


खान ने कहा कि मोदी को लगा कि पाकिस्तान चुप रहेगा क्योंकि वह दोस्ती करने की कोशिश कर रहा है। खान ने कहा, ‚हमारी सरकार आने से पहले जब भारत कश्मीर में पेलेट गन इस्तेमाल कर रहा था तब उसकी कोई बात नहीं कर रहा था। पाकिस्तान भी कुछ नहीं कर रहा था और संयुक्त राष्ट्र भी नहीं।‘ उन्होंने कहा कि भारत ने अहंकार में 5 अगस्त को कदम उठाया। पीएम मोदी को लगा कि दुनिया भारत का साथ देगी क्योंकि पश्चिम चीन के खिलाफ भारत का इस्तेमाल करना चाहता है।

सर क्रीक पर खुलकर ठोका दावा

  • सर क्रीक पर खुलकर ठोका दावा

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि सर क्रीक में हिंदुस्तान जो दावा करता था, नक्शे में उसे खारिज कर दिया है। पाक का दावा है कि उसकी सीमा पूर्वी तट की ओर है जबकि भारत का दावा है कि यह पश्चिम की ओर है। पाकिस्तान का कहना है कि यहां भारत पाकिस्तान के सैकड़ों किलोमीटर के EEZ पर कब्जा करना चाहता है। 70 साल से सर क्रीक को लेकर विवाद जारी है। कच्छ के रण की दलदल के क्षेत्र में सर क्रीक 96 किमी चौड़ा पानी से जुड़ा मुद्दा है। पहले इसे बाण-गंगा के नाम से जाना जाता था। यह अरब सागर में खुलता है और एक तरह से गुजरात के रण को पाकिस्तान के सिंध प्रांत से अलग करता है। इसे लेकर कच्छ और सिंध के बीच समुद्री सीमा पर विवाद है। खास बात यह है कि सर क्रीक मछुआरों के लिए अहम संपदा है और इसे एशिया का सबसे बड़ा फिशिंग ग्राउंड माना जाता है। यही नहीं, मुमकिन है कि यहां तेल और गैस की मौजूदगी भी हो। पाकिस्तान का दावा है कि 1914 में सिंध सरकार और कच्छ के राव महाराज के बीच हुए बॉम्बे सरकार रेजलूशन के तहत पूरा क्रीक पाकिस्तान का है। रेजलूशन के तहत दोनों क्षेत्रों के बीच सीमा क्रीक के पूर्व की ओर की गई जबकि भारत का दावा है कि 1925 में बने नक्शे के मुताबिक यह बीच में है।

  • इसलिए बौखलाया है पाकिस्तान

    1947 में 15 अगस्त को अंग्रेजों से आजादी से ठीक पहले तक जम्मू-कश्मीर और हैदराबाद के अलावा गुजरात के जूनागढ़ ने भारत में शामिल होने का फैसला नहीं किया था। जूनागढ़ में करीब 80 फीसदी हिंदू आबादी थी और भारत सरकार की कोशिश थी कि जूनागढ़ के नवाब मोहम्मद महाबत खानजी III भारत के साथ आ जाएं लेकिन वह राजी नहीं थे। उन्होंने 15 सितंबर, 1947 को पाकिस्तान में विलय का फैसला किया। इस फैसले से जूनागढ़ की जनता भड़क गई और राज्य के कई हिस्से में नवाब के शासन के खिलाफ लोग उठ खड़े हुए। इससे नवाब अपने परिवार के साथ कराची चले गए। इसके बाद सरदार पटेल ने पाकिस्तान से जूनागढ़ के विलय की मंजूरी को रद्द करने और जनमत संग्रह कराने को कहा। जब पाकिस्तान ने इनकार कर दिया तो सरदार पटेल ने 1 नवंबर, 1947 को जूनागढ़ में भारतीय सेना भेज दी। इसके बाद उसी साल दिसंबर में वहां जनमत संग्रह हुआ जिसमें 99 फीसदी लोगों ने भारत में रहने को चुना। बावजूद इसके अचानक पाकिस्तान अब इसे अपने नक्शे में शामिल कर दिया है।

  • मनवादर पर भी दावा

    जूनागढ़ की तरह ही मनवादर में भी 22 अक्टूबर 1947 को भारत ने सत्ता संभाल ली और भारतीय पुलिसबल मनवादर पहुंच गया। यहां के खान साहिब गुलाम मोइनुद्दीन खान्जी ने भी पाकिस्तान में शामिल होना स्वीकार कर लिया था। हालांकि, जूनागढ़ के अंतर्गत आने की वजह से मनवादर के पास इसका अलग अधिकार नहीं था। खान साहिब को सोनगढ़ में नजरबंद कर दिया गया। यहां कार्यकारी प्रशासक को तैनात कर दिया गया और फिर रायशुमारी कराई गई जिसमें भारत के समर्थन में वोट पड़े। इसके बाद 15 फरवरी 1948 को इसका भारत में विलय होगा।


नए नक्शे में जूनागढ़. सर क्रीक पर भी दावा


इससे एक दिन पहले मंगलवार को पाकिस्तान सरकार ने देश का नया नक्शा पेश किया है जिसमें न सिर्फ उसने कश्मीर के विवादित क्षेत्रों को अपना बताया है बल्कि गुजरात के जूनागढ़, मनवादर और कच्छ के रण में सर क्रीक पर भी अपना दावा ठोंका है। कश्मीर में जहां उसने सियाटिन को अपना बताया है वहीं, ऐसे इलाके जहां चीन की सीमा है, उन्हें ‚अनडिफाइंड फ्रंटियर करार दिया है।‘

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