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POK में बांध बना रहा चीन, भारत का कड़ा विरोध

Diamer Bhasha Dam: चीन ने भारत सरकार के व‍िरोध के बाद भी पाकिस्‍तान अध‍िकृत कश्‍मीर के ग‍िलगिट-बाल्टिस्‍तान इलाके में व‍िशाल बांध का न‍िर्माण शुरू कर द‍िया है। इस बांध से स‍िंचाई के साथ ब‍िजली बनाने की योजना है।

Edited By Shailesh Shukla |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

बांध का श‍िलान्‍यास करने पहुंचे पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खानबांध का श‍िलान्‍यास करने पहुंचे पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान

हाइलाइट्स

  • भारत के कड़े विरोध के बाद भी चीन ने पीओके में दियामेर भाषा बांध का निर्माण शुरू किया
  • बुधवार को पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख ने इस इलाके का दौरा किया
  • इमरान खान ने कहा कि यह पाकिस्‍तान के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा बांध होगा

इस्‍लामाबाद


भारत के कड़े विरोध के बाद भी चीन ने अपने सदाबाहर मित्र पाकिस्‍तान की मदद के लिए पाक अधिकृत कश्‍मीर के गिलगिट-बाल्टिस्‍तान इलाके में दियामेर भाषा बांध का निर्माण शुरू कर दिया है। बुधवार को पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस इलाके का दौरा किया। उन्‍होंने कहा कि यह पाकिस्‍तान के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा बांध होगा। उधर, भारत ने इस विवादित इलाके में चीन के बांध निर्माण का पुरजोर विरोध किया है।


इमरान खान के साथ चाइना-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) असीम सलीम बाजवा भी मौजूद थे। इस दौरान इमरान खान ने कहा, ‚मेरी सरकार पाकिस्‍तान के इतिहास का सबसे बड़ा बांध बनाने जा रही है। यह हमारा तीसरा बड़ा बांध होगा। चीन ने पांच हजार बांध बनाए हैं लेकिन लेकिन उनके पास कुल 80 हजार बांध हैं। इससे आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि हमने पहले कितनी बड़ी गलतियां की हैं।‘

भारत ने पीओके में चीन के बांध बनाने पर कड़ा ऐतराज जताया


पाकिस्‍तानी पीएम ने कहा, ‚बांध को बनाने का फैसला 50 साल पहले लिया गया था। बांध बनाने के लिए इससे बेहतर जगह नहीं हो सकती है। यह एक प्राकृतिक बांध है। इस बांध पर 40 से 50 साल पहले फैसला लिया गया था लेकिन काम आज शुरू हो रहा है। यह उन बड़े कारणों में से एक है जिसकी वजह से हमारा विकास नहीं हुआ।‘ इस बीच भारत सरकार ने पीओके में चीन के बांध बनाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। भारत का कहना है कि यह इलाका उसके केंद्र शासित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर का हिस्‍सा है।

पाकिस्‍तान को 7 अरब डॉलर के हथियार दे रहा चीन

  • पाकिस्‍तान को 7 अरब डॉलर के हथियार दे रहा चीन

    भारत के धुर विरोधी पाकिस्‍तान की नौसेना को आधुनिक बनाने के लिए चीन ने अपने हथियारों का जखीरा खोल दिया है। पाकिस्‍तान ने चीन से युआन क्‍लास की 7 डीजल-इलेक्ट्रिक से चलने वाली सबमरीन के लिए करार किया है। ये सबमरीन एयर इंडिपेंडेंट प्रपॉल्‍शन से लैस हैं और लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती हैं। इसके अलावा चीन पाकिस्‍तान को टाइप-054A श्रेणी के बहुउद्देश्‍यीय स्‍टील्‍थ फ्रीगेट्स दे रहा है जो रेडार को चकमा देने में सक्षम हैं। इसके अलावा चीन कई अन्‍य हथियार पाकिस्‍तानी नौसेना को दे रहा है। इसके लिए पाकिस्‍तान ने चीन के साथ 7 अरब डॉलर की डील की थी। पाकिस्‍तान अब अपना 70 फीसदी हथियार चीन से खरीद रहा है।

  • चीनी हथियारों से बेहद घातक हो जाएगी पाक नौसेना

    पाकिस्‍तान की नौसेना के पास इस समय केवल नौ फ्रीगेट्स, पांच सबमरीन और 10 मिसाइल बोट तथा तीन माइनस्‍वीपर हैं। चीन से मिल रहे युद्धपोत से पाकिस्‍तानी नौसेना बेहद घातक हो जाएगी। ये युद्धपोत 4000 समुद्री मील तक हमला कर सकते हैं और इन पर जमीन से हवा और सबमरीन रोधी मिसाइलें लगी हुई हैं। पाकिस्‍तान को ये हथियार 2021-23 के बीच मिल जाएंगे। पाकिस्‍तान को मिलने वाली चीनी युआन क्‍लास की पनडुब्‍बी दुनिया में सबसे शांत मानी जाने वाली पनडुब्‍ब‍ियों में से एक है। इन 8 में से 4 वर्ष 2023 पाकिस्‍तान को मिल जाएंगी।

  • पाकिस्‍तान के ग्‍वादर में विशाल नेवल बेस बना रहा चीन

    चीन अब पाकिस्तान के सहारे हिंद महासागर में पैठ जमाने की कोशिश करता दिख रहा है। पाकिस्तान के ग्वादर में चीन के नेवल बेस के संकेत मिले हैं और माना जा रहा है कि इस बेस के बनने से हिंद महासागर में चीन की मजबूती बढ़ जाएगी। हालिया सैटलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पिछले कुछ सालों में यहां कई नए कॉम्प्लेक्स बने हैं। इनमें से एक पोर्ट डिवेलपमेंट करने वाली एक चीनी कंपनी है जहां सिक्यॉरिटी कुछ ज्यादा ही है। पाकिस्तान के पश्चिमी तट पर स्थित ग्वादर चीन की बेल्ट ऐंड रोड योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां ऐंटी-वीइकल रास्ते, सिक्यॉरिटी फेंसिंग और ऊंची दीवारें खड़ी की गई हैं। पोस्ट और गार्ड टावर फेंसिंग और अंदर की दीवार के बीच बने हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां हथियार बंद गार्ड्स तैनात हैं। इस कंपाउंड के नजदीक इमारतों की दो लाइनें भी हैं। इनकी छतें नीली होने के कारण अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह चीन के मरीन कॉर्प्स के बैरक हो सकते हैं।

  • हिंद महासागर में भारत को घेरने में जुटा चीनी ड्रैगन

    लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्‍जा करने की फिराक में लगा चीन अब भारत को उसके घर हिंद महासागर में घेरने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए चीन दोतरफा अभियान चलाए हुए है। एक तरफ चीन जिबूती, ग्‍वादर और मालदीव में नेवल बेस बनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह भारत के शत्रु पाकिस्‍तान को आधुनिक हथियार देकर उसे ताकतवर बना रहा है। नेवल बेस बनाने से चीन को अपने सैन्‍य साजोसामान को तत्‍काल किसी भी जगह भेजने में आसानी होगी। चीन की कोशिश है कि साउथ चाइना सी पर कब्‍जे के बाद दक्षिण एशिया पर अपना दबदबा कायम किया जाए। यही नहीं चीन बांग्‍लादेश और श्रीलंका को भी बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्‍लाइ कर रहा है। चीन बांग्‍लादेश और म्‍यामांर में नेवल बेस का विकास कर रहा है।


पीओके में चीनी बांध बनाने का स्‍थानीय लोग जोरदार विरोध कर रहे हैं लेकिन इमरान सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच चीन और पाकिस्तान ने आपस में अरबों डॉलर का समझौता किया है। पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर (PoK) के कोहोला में 2.4 अरब डॉलर के हाइड्रो पावर प्रॉजेक्ट के लिए यह समझौता हुआ है। यह प्रॉजेक्ट बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (Belt and Road Initiative) का हिस्सा है जिसके जरिए यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच कमर्शल लिंक बनाने का उद्देश्य है। इस प्रॉजेक्ट की मदद से पाकिस्‍तान में बिजली सस्ती हो सकती है।

झेलम नदी पर आजाद पट्टान हाइड्रो प्रॉजेक्ट का ऐलान


पाकिस्तान की सरकार ने कश्मीर के सुधानोटी जिले में झेलम नदी पर आजाद पट्टान हाइड्रो प्रॉजेक्ट का ऐलान किया है। यह बांध चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का हिस्सा है। इस प्रॉजेक्ट को कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी ने डिवेलप किया है जो चीन की तीन गॉर्गेज कॉर्पोरेशन की इकाई है। समझौते पर दस्तखत के समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी और चीन के राजदूत याओ जिंग शामिल थे। पीएम के स्पेशल असिस्टेंट असीम सलीम बाजवा ने इस डील को मील का पत्थर बताया है।

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china building diamer bhasha dam for pakistan in pok gilgit baltistan area(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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