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US में TikTok को 45 दिन का अल्टीमेटम

Edited By Priyesh Mishra |

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

ट्रंप की टिकटॉक को चेतावनीट्रंप की टिकटॉक को चेतावनी

हाइलाइट्स

  • अमेरिका में टिकटॉक को डोनाल्ड ट्रंप ने दिया 45 दिन का अल्टीमेटम, डील न होने पर लगेगा प्रतिबंध
  • माइक्रोसॉफ्ट के साथ डील की तैयारी में टिकटॉक, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बेचेगा मालिकाना हक
  • ऑस्ट्रेलिया और जापान में भी टिकटॉक के खिलाफ जांच शुरू, लग सकता है प्रतिबंध

वॉशिंगटन


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के ऐप टिकटॉक को माइक्रोसॉफ्ट के साथ डील करने के लिए 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि डील न होने की दशा में टिकटॉक और वीचैट समेत चीन के कई ऐप्स और साफ्टवेयर्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट ने रविवार को पुष्टि की कि वह चीनी कंपनी बाइटडांस से उसके लोकप्रिय वीडियो ऐप टिकटॉक की अमेरिकी शाखा को अधिग्रहीत करने की बातचीत कर रही है। साथ ही कहा कि उसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ऐसी खरीद के संबंध में सुरक्षा और सेंसरशिप को लेकर उनकी चिंताओं पर चर्चा की है।





इन देशों में टिकटॉक का मालिकाना हक खरीदेगा माइक्रोसॉफ्ट


एक बयान में कंपनी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट और बाइटडांस ने अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में टिकटॉक की सेवा का मालिकाना हक और उसके संचालन संबंधी एक समझौता करने की अपनी मंशा को लेकर एक नोटिस दिया है। कंपनी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि यह बातचीत 15 सितंबर तक पूरी हो जाएगी। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि वह जल्द ही अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा देंगे।

ट्रंप और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने बातचीत की


माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि ट्रंप और सीईओ सत्य नडेला ने बातचीत की है और उनकी बातचीत के बाद माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक के अमेरिकी परिचालन को खरीदने की प्रक्रिया पर बात जारी रखने के लिए तैयार है। माइक्रोसॉफ्ट के बयान में कहा गया, माइक्रोसॉफ्ट राष्ट्रपति की चिंताओं पर ध्यान देने के महत्व को पूरी तरह समझती है। वह टिकटॉक का अधिग्रहण पूरी सुरक्षा समीक्षा तथा अमेरिका को उचित आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने के बाद ही करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्या आप जानते हैं कि चीन में पहले से TikTok पर बैन है?

ऑस्ट्रेलिया ने भी टिकटॉक पर प्रतिबंध की तैयारी


टिकटॉक पर भारत में प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने भी चीनी ऐप्स के प्रति कार्रवाई करने का मन बना लिया है। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों ने टिकटॉक पर डेटा चोरी और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के कई सांसदों ने टिकटॉक पर प्रतिबंध की मांग की है। इस एप का स्वामित्व चीनी टेक फर्म बाइटडांस के पास है। वहीं टिकटॉक ने कहा है कि उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

TikTok पर चौतरफा वार, अब ऑस्ट्रेलिया में भी प्रतिबंध की तैयारी

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने दिया जांच का आदेश


ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने देश के खुफिया एजेंसियों से जांच करने के लिए कहा है कि क्या यह चीनी ऐप सुरक्षा के लिए खतरा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया का गृह मंत्रालय यह पता लगा रहा है कि गोपनीयता या डेटा सुरक्षा जोखिमों का पता लगने के बाद ऐप के खिलाफ क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

अकेले टिकटॉक से सालाना 720 करोड़ का नुकसान

  • अकेले टिकटॉक से सालाना 720 करोड़ का नुकसान

    मोदी सरकार ने सबसे लोकप्रिय ऐप टिकटॉक पर बैन लगा दिया है। सेंसरटावर के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ यूजर स्पेंडिंग से ही जून 2019 से जून 2020 तक कंपनी ने करीब 6.9 करोड़ रुपए कमाए हैं। कंपनी को 2019 की चौथी तिमाही में 377 करोड़ रुपये की आय हुई थी। साल दर साल के हिसाब से टिकटॉक की कमाई चौथी तिमाही में करीब 310 गुना बढ़ गई। पूरे 2019 वित्त वर्ष में कंपनी को करीब 720 करोड़ रुपए की कमाई सिर्फ टिकटॉक के जरिए हुई थी। यानी सिर्फ टिकटॉक बंद होने से ही चीन को हर साल करीब 720 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। बता दें कि भारत में करीब 11.9 करोड़ लोग टिकटॉकत इस्तेमाल करते हैं। कुछ रिपोर्ट के अनुसार भारत में बाइटडांस कंपनी के टिकटॉक, हेलो जैसे ऐप बैन होने से कंपनी को इस साल करीब 45000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है, क्योंकि कंपनी का फायदा काफी तेजी से बढ़ रहा था।

  • लाइकी बैन होने से भी भारी नुकसान

    टिकटॉक की तरह ही शॉर्ट वीडियो बनाने वाले इस ऐप से चीन को मोदी कमाई होती है। सिर्फ यूजर स्पेंडिंग से ही लाइकी को 7.76 लाख डॉलर यानी करीब 5.79 करोड़ रुपये की कमाई होती है। लाइकी बैन होने से चीन की ये कमाी भी रुक गई है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि इसमें विज्ञापनों से मिलने वाला रेवेन्यू नहीं जुड़ा है।

  • यूसी ब्राउजर से होती थी खूब कमाई

    अगर बात अलीबाबा के यूसी ब्राउजर की करें तो दुनिया भर में इसके करीब 43 करोड़ यूजर हैं, जिनमें से लगभग 13 करोड़ यूजर तो सिर्फ भारत में हैं। भारत में ये सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला दूसरा बड़ा मोबाइल ब्राउजर है। गूगल क्रोम के बाद 14.5 फीसदी मार्केट के साथ यूसी ब्राउजर का ही नंबर आता है।

  • मोबाइल कंपनियों पर भी पड़ रहा तनाव का असर

    बात अगर शाओमी, ओपो और वीवो जैसी टॉप मोबाइल कंपनियों की करें, तो देश में इनके भी बहिष्कार की मांग उठने लगी है। अगर सरकार ने इन्हें भी बैन कर दिया तो चीन को भारी नुकसान होगा। शाओमी का भारत में मार्केट शेयर 27 फीसदी है और ये नंबर-1 कंपनी है। वैसे कंपनी को 2018-19 में 148 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन 2018 में कंपनी को 301 करोड़ रुपयों का फायदा हुआ था। ओपो वीवी ने भी 2019 में तगड़ी ग्रोथ की थी। 2019 में ओपो-वीवी को एक साथ मिलाकर करीब 707 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। चीन में पहुंचने वाली ये सारी कमाई रुक जाएगी, अगर इन कंपनियों पर सरकार ने बैन लगा दिया।


जापान में भी टिकटॉक पर जांच जारी


चीन से तनाव के बीच जापान में भी टिकटॉक सहित कई चीनी ऐप्स के खिलाफ जांच जारी है। पिछले हफ्ते कुछ जापानी सांसदों ने इस ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। माना जा रहा है कि अमेरिका और जापान जल्द ही टिकटॉक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।

चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी में अमेरिका!

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